कोलकाता : डॉ. नीता दीवान द्वारा स्थापित ‘उन्मिश’ – जो शिक्षा, थेरेपी और देखभाल के माध्यम से विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों और व्यक्तियों की मदद करने के लिए कोलकाता का एक प्रमुख केंद्र है – ने न्यू अलीपुर में अपने विस्तारित पांच-मंजिला केंद्र का उद्घाटन करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस मौके पर खास हाइड्रोथेरेपी और स्पोर्ट्स प्रोग्राम भी शुरू किए गए, जिससे अलग-अलग तरह की विकासात्मक ज़रूरतों वाले लोगों को व्यापक और समग्र सहायता प्रदान करने की संस्था की प्रतिबद्धता और मज़बूत हुई।
2009 में डॉ. नीता दीवान द्वारा स्थापित, ‘उन्मिश’ की शुरुआत एक माँ के उस विज़न से हुई थी जिसमें वह अपने बेटे और विशेष सहायता की ज़रूरत वाले अनगिनत अन्य लोगों के लिए एक देखभाल करने वाला और समावेशी माहौल बनाना चाहती थीं। इन वर्षों में, यह संस्था एक मल्टी-डिसिप्लिनरी (बहु-विषयक) केंद्र के रूप में विकसित हुई है, जो एक ही छत के नीचे शिक्षा, थेरेपी, व्यावसायिक प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ और विकासात्मक हस्तक्षेप प्रदान करती है। यह विस्तारित केंद्र विशेष देखभाल तक पहुँच को मज़बूत करने और समावेश, स्वतंत्रता और व्यक्तिगत विकास के लिए बेहतर अवसर पैदा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस विस्तार की एक मुख्य विशेषता खास हाइड्रोथेरेपी और स्पोर्ट्स प्रोग्राम की शुरुआत थी। शारीरिक पुनर्वास, मोटर विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक जुड़ाव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई ये सुविधाएँ विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों को सुरक्षित और समावेशी माहौल में व्यवस्थित चिकित्सीय और खेल संबंधी अनुभव प्रदान करेंगी। यह पहल न्यूरो-रिहैबिलिटेशन (तंत्रिका-संबंधी पुनर्वास) और समग्र विकास के प्रति ‘उन्मिश’ के इंटीग्रेटेड दृष्टिकोण को और मज़बूत करती है।
समारोह की शुरुआत ‘उन्मिश’ की संस्थापक और निदेशक डॉ. नीता दीवान और ‘उन्मिश’ के ‘नॉर्थ स्टार’ (प्रेरणा स्रोत) निकुंज दीवान द्वारा स्मारक पत्थर के अनावरण के साथ हुई; निकुंज की यात्रा ही इस संस्था की शुरुआत और विकास के पीछे की प्रेरणा रही है। इस केंद्र का उद्घाटन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (दिल्ली) की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा ने किया, जिसमें पद्म श्री सज्जन भजंका (चेयरमैन, सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स) , गीता मांडविया – स्पेशल ओलंपिक्स भारत (दिल्ली) के गुजरात चैप्टर की मुख्य संरक्षक/चेयरपर्सन और सुशील कुमार गोयनका – मैनेजिंग डायरेक्टर, इमामी लिमिटेड की गरिमामयी उपस्थिति रही।।
मान्य अतिथियों ने औपचारिक रूप से केंद्र का उद्घाटन किया जिसमें शिक्षा, चिकित्सीय हस्तक्षेप, व्यावसायिक विकास, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, खेल प्रशिक्षण और हाइड्रोथेरेपी शामिल हैं। समारोह के हिस्से के रूप में, प्रतिष्ठित मेहमानों ने ‘फूलों वाली उरली’ रस्म में भाग लिया, जिसके बाद छात्रों, अभिभावकों और ‘उन्मिश’ समुदाय के सदस्यों के साथ केक काटने का समारोह हुआ। कार्यक्रम का समापन प्रतीकात्मक रूप से गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ, जो एक ऐसे अधिक समावेशी समाज की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ हर व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता को साकार करने के लिए सशक्त हो।
इस अवसर पर ‘उन्मिश’ की संस्थापक और निदेशक डॉ. नीता दीवान ने कहा,व “यह दिन मेरे लिए बहुत व्यक्तिगत है। एक माँ के अपने बच्चे के लिए बेहतर भविष्य बनाने के दृढ़ संकल्प से शुरू हुई यह यात्रा अब एक ऐसे समुदाय में बदल गई है जिसमें सैकड़ों परिवार शामिल हैं। हमारे दरवाज़े से अंदर आने वाला हर बच्चा अपने साथ अनूठी खूबियाँ, सपने और क्षमताएँ लेकर आता है। हमारी ज़िम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें अपने तरीके से आगे बढ़ने और चमकने के लिए समर्थन, अवसर और प्रोत्साहन मिले। अपने बड़े केंद्र के विस्तार और समर्पित खेल व हाइड्रोथेरेपी सुविधाओं की शुरुआत के साथ, हमें विकास, आत्मविश्वास और खुशी के और भी रास्ते बनाने का मौका मिला है। इसी विश्वास ने पहले दिन से ही ‘उन्मिश’ का मार्गदर्शन किया है और हमारे हर कदम को प्रेरित करता रहा है।”
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