नयी दिल्ली : शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार को निधन हो गया। 89 वर्षीय ढींडसा लंबे समय से बीमार चल रहे थे और राजनीतिक गतिविधियों से भी कुछ हद तक दूर हो चुके थे। उनके निधन से पंजाब की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल द्वारा सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद कल सुबह उनका शव परिवार को सौंप दिया जाएगा । जिसके बाद कल शाम तक उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस बीच, उनके निधन की खबर सुनकर कई बड़े राजनीतिक नेता अस्पताल में मौजूद उनके परिवार से दुख साझा करने पहुंच रहे हैं।
सुखदेव सिंह ढींडसा लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) से जुड़े रहे और पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में गिने जाते थे। पार्टी में उन्हें संरक्षक की भूमिका भी सौंपी गई थी। हालांकि, मतभेद के चलते उन्हें पिछले वर्ष पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में शिरोमणि अकाली दल से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) से नाता जोड़ा और एक बार फिर राजनीतिक मंच पर सक्रिय होने की कोशिश की।
बीते कुछ वर्षों से ढींडसा की तबीयत लगातार खराब चल रही थी। वे कई बीमारियों से ग्रसित थे और इसी कारण उन्होंने सार्वजनिक जीवन से भी दूरी बना ली थी। आज बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
ढींडसा 4 बार विधायक बने, वाजपेयी सरकार में बने मंत्री
ढींडसा ने 1972, 1977, 1980 और 1985 में पंजाब विधानसभा चुनाव जीते. उन्होंने परिवहन, खेल, पर्यटन, सांस्कृतिक मामले और नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में कार्य किया. इसके साथ ही वह 1998 से 2004 तक तथा 2010 से 2022 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे.
ढींडसा 2004 से 2009 तक संगरूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रहे. उन्होंने 2000 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रसायन एवं उर्वरक, खेल मंत्रालय का प्रभार संभाला
पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा जी का निधन अत्यंत दुःखद है। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में ढींडसा जी ने पंजाब की संस्कृति, ग्रामीण विकास, लोकाचार व सहृदयता को बढ़ावा दिया। एक जमीनी कार्यकर्ता से लेकर केन्द्रीय मंत्री तक की यात्रा में उन्होंने जनतांत्रिक मूल्यों को सदैव…
— Amit Shah (@AmitShah) May 28, 2025