• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Sunday, August 31, 2025
  • Login
Mochan Samachaar
Advertisement
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
Mochan Samachaar
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
Home व्‍यापार

छह वर्षों में उपकरण आयात को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की कोल इंडिया लिमिटेड की रणनीतिक योजना

भारी मशीनरी के घरेलू विनिर्माण पर उच्च स्तरीय समिति ने कोयला मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी

Mochan Samachaar Desk by Mochan Samachaar Desk
23/11/2023
in व्‍यापार
Reading Time: 1 min read
0
छह वर्षों में उपकरण आयात को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की कोल इंडिया लिमिटेड की रणनीतिक योजना
255
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली : आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की मजबूत प्रतिबद्धता के साथ कोयला मंत्रालय कोयला खनन क्षेत्र में स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रहा है।  पीआईबी द्वारा जारी प्रेस व‍िज्ञप्‍त‍ि के अनुसार ये प्रयास “मेक इन इंडिया” अभियान को आगे बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर भारत के मूल सिद्धांतों के साथ निकटता से जुड़े हुए हैं।

इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, सीआईएल के निदेशक (तकनीकी) की अध्यक्षता में एक अंतःविषय उच्च-स्तरीय समिति का गठन हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) और हाई वॉल माइनर्स, मानक तथा कम क्षमता वाले खनिक एवं संबंधित सहायक उपकरण सहित भूमिगत खनन उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सिफारिशें प्रदान करने के लिए किया गया था। यह अनुमान लगाया गया है कि कोयला 2030 के बाद भी प्रमुख ऊर्जा स्रोत के रूप में बना रहेगा। इस प्रकार, समिति को देश में अगले 10 वर्षों में खुली खदानों और भूमिगत खदानों दोनों के लिए उपकरणों की भारी आवश्यकता की उम्मीद थी और उसने अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस समिति में भारी उद्योग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, एससीसीएल, एनएलसीआईएल, एनटीपीसी, डब्ल्यूबीपीडीसीएल, बीईएमएल, कैटरपिलर, टाटा हिताची, गेनवेल, उद्योग संघ और विभिन्न हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल थे।

 

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) वर्तमान में इलेक्ट्रिक रोप शॉवेल्स, हाइड्रोलिक शॉवेल्स, डंपर, क्रॉलर डोजर, ड्रिल, मोटर ग्रेडर और फ्रंट-एंड लोडर व्हील डोजर जैसे उच्च क्षमता वाले उपकरण का आयात करता है, जिनकी कीमत 3500 करोड़ रुपये है और जिससे सीमा शुल्क में 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होता है। इन आयातों पर अंकुश लगाने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सीआईएल ने अगले छह वर्षों में आयात को धीरे-धीरे समाप्त करने की एक रणनीतिक योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर निर्मित उपकरणों को प्रोत्साहित और विकसित करना है। खास बात यह है कि उच्च क्षमता वाली मशीनें पहले से ही घरेलू निर्माताओं से खरीदी जा रही हैं।

समिति ने सीआईएल के मौजूदा उपकरण मानकीकरण प्रयास के अनुरूप, कैप्टिव/वाणिज्यिक खदान ऑपरेटरों एमडीओ/आउटसोर्सिंग ठेकेदारों और विभागीय उपकरणों के लिए घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने हेतु उपकरणों के मानकीकरण की सिफारिश की है। इसने यह भी सिफारिश की है कि निविदा शर्तों में “मेक इन इंडिया” मिशन का समर्थन करने के लिए स्वदेशी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इसके अलावा, मेक इन इंडिया पहल के तहत पांच साल के लिए भारत में उपकरण डिजाइन करने, विकसित करने और बनाने के लिए निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना का भी सुझाव दिया गया है। सीआईएल ने तैनात किए जाने वाले खनन उपकरणों का व्यापक मानकीकरण किया है। इसका उद्देश्य उत्पादकता से समझौता किए बिना कोयला उत्पादन, परिवहन और निगरानी में घरेलू स्तर पर निर्मित उपकरणों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करना है। “मेक इन इंडिया” पहल को आगे बढ़ाने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने मानकीकरण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह पहल न केवल विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करती है बल्कि आत्म-निर्भर भारत और “मेक इन इंडिया” के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप भी है। स्वदेशी उपकरण क्षमताओं को बढ़ावा देने से आयातित उपकरणों की ब्रेकडाउन अवधि में भी कमी आएगी, जो अक्सर स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण गैर-परिचालन में रहते हैं। यह आवश्यक भागों और सामग्रियों पर शुल्क प्रतिबंधों के साथ इंजन, ट्रांसमिशन सिस्टम, डिफरेंशियल और मोटर्स जैसे प्रमुख समुच्चय का निर्माण करके हासिल किया जाएगा।

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने पहले ही उच्च क्षमता वाले एचईएमएम और उन्नत टिकाऊ खनिकों की खरीद शुरू कर दी है, जो बढ़ी हुई दक्षता और सुरक्षा के लिए वास्तविक समय स्थिति ट्रैकिंग के साथ दूरस्थ पर्यवेक्षण में सक्षम हैं। एचईएमएम के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास चल रहे हैं। प्रौद्योगिकी और क्षमता के उन्नयन के साथ-साथ ओपनकास्ट (ओसी) और भूमिगत (यूजी) खनन दोनों के लिए खनन उपकरणों के उत्पादन के लिए घरेलू निर्माताओं की पहचान की गई है। इसके अलावा, सीआईएल ने बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) लोड हॉल डंप (एलएचडी) इकाइयां भी शुरू की हैं, जो बेहतर वेंटिलेशन करती हैं और लागत में भी बचत करती हैं। सीआईएल डिग्री-II खदानों में संभावित बीईवी एलएचडी के साथ उच्च रिकवरी, कम लागत और बढ़ी हुई सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इन प्रौद्योगिकियों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये पहल भारत में कोयला खनन में नवाचार और स्थिरता के साथ बदलाव ला रही हैं।

इसके अलावा, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त उपकरण निर्माताओं के साथ साझेदारी और सहयोगी उद्यमों को बढ़ावा देना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेक इन इंडिया पहल के तहत गैर-कार्यात्मक और कम उपयोग वाली सरकारी बुनियादी सुविधाओं का उपयोग करने के तरीके भी तलाशे जा रहे हैं। यह पहल विनिर्माण शक्ति केन्‍द्र बनने की भारत की क्षमता का एक प्रमाण है। एचईएमएम में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देते हुए कोयला मंत्रालय का लक्ष्य एक मजबूत इकोसिस्‍टम बनाना है जो नवाचार का समर्थन करे, कार्यबल को सशक्त बनाए और अर्थव्यवस्था को मजबूत करे।

………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………….

 

Tags: Coal India Limited's strategic plan to phase out equipment imports in six yearsmochan samachaarpibछह वर्षों में उपकरण आयात को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की कोल इंडिया लिमिटेड की रणनीतिक योजना
Previous Post

प्रधानमंत्री ने बैंकॉक में पैरा एशियाई तीरंदाजी चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय पैरा तीरंदाजी टीम को दी बधाई 

Next Post

वाणिज्य मंत्रालय देश के जिलों से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ सहभागिता करेगा

Next Post
वाणिज्य मंत्रालय देश के जिलों से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ सहभागिता करेगा

वाणिज्य मंत्रालय देश के जिलों से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ सहभागिता करेगा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Mochan Samachaar

© 2023 Mochan Samachaar Design and Develop by GKB Web Solution.

Udyam Registration Number : UDYAM-WB-10-0083581

  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें

© 2023 Mochan Samachaar Design and Develop by GKB Web Solution.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In