कोलकाता : विश्व हिंदू सनातन बोर्ड ( Vishva Hindu Sanatan Board) ने सोमवार को कोलकाता (kolkata) में आयोजित एक संवाद सम्मेलन के दौरान पश्चिम बंगाल (west bengal) में अपनी नई नेतृत्व टीम की घोषणा की। यह जानकारी संस्था द्वारा जारी बयान में दी गयी है। बयान के अनुसार यह कदम राज्य भर में संगठन की उपस्थिति को सशक्त बनाने और सामाजिक पहलों को और विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर बोर्ड के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बीरेन दवे विशेष रूप से उपस्थित थे।
डॉ. बीरेन दवे ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों का औपचारिक परिचय कराया। इनमें पश्चिम बंगाल का राज्य अध्यक्ष सौरिन भट्ट, को राज्य सचिव अनुराग मजूमदा , संयुक्त सचिव के रूप में सौविक बिस्वास और कोलकाता सिटी के अध्यक्ष हिमाद्री बनर्जी को नियुक्त किया गया है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर डॉ. अभय तिवारी को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव, मीकू सोनी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तथा शांतनु बनर्जी को राज्य कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया। यह नई और सुव्यवस्थित नेतृत्व संरचना संगठन की समन्वित प्रगति और व्यापक सामाजिक प्रभाव की दिशा में एक नया अध्याय मानी जा रही है।

डॉ. बीरेन दवे ने कहा कि विश्व हिंदू सनातन बोर्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को एकजुट करना, सामूहिक चेतना को जागृत करना और समावेशी व रचनात्मक पहलों के माध्यम से मानवता की सेवा करना है। उन्होंने बताया कि संगठन नियमित रूप से चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, गौ संरक्षण अभियान, तथा सांस्कृतिक और धार्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता है।
बोर्ड के गैर-राजनीतिक स्वरूप पर जोर देते हुए डॉ. दवे ने स्पष्ट किया कि संगठन का किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य राजनीतिक नहीं है। हमारा मिशन एकता, जागरूकता और मानव सेवा पर आधारित है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बोर्ड शांति, सद्भाव और सभी समुदायों के बीच पारस्परिक सम्मान का समर्थन करता है तथा अन्याय और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ दृढ़ता से खड़ा रहता है।
अपने वैश्विक विस्तार पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बीरेन दवे ने बताया कि विश्व हिंदू सनातन बोर्ड न केवल भारत में, बल्कि नेपाल, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण अफ्रीका में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जहां यह साझा सांस्कृतिक मूल्यों और सेवा-आधारित गतिविधियों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करता है।
युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य युवा पीढ़ी को आध्यात्मिक ज्ञान, सांस्कृतिक विरासत और नैतिक नेतृत्व से पुनः जोड़ना है। कार्यक्रम का समापन शांति, सामाजिक सौहार्द और सार्थक सामुदायिक सेवा के सामूहिक आह्वान के साथ हुआ, क्योंकि नई नेतृत्व टीम पश्चिम बंगाल में बोर्ड की गतिविधियों को और विस्तार देने की तैयारी में जुट गई है।
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