कोलकाता : देश में बढ़ती भाषाई असहिष्णुता, खासकर विभिन्न राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों के प्रति असहिष्णुता पर शुक्रवार को अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने चिंता जताई। पश्चिम बंगाल के बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेश भेजे जाने के संबंध में मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल के लोगों की गलत पहचान की जा रही है और उन्हें विदेशी नागरिक होने के संदेह में बांग्लादेश भेजा जा रहा है। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा कि ढाका से उनके अपने पैतृक संबंध होने के कारण उन्हें निर्वासित किया जा सकता है, और मज़ाक में कहा कि फ्रेंच भाषा का ज्ञान न होना ऐसी स्थिति में उनके लिए बाधा बनेगा।
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