कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ सी. वी. आनंद बोस ने सोमवार को राजभवन में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया था कि राजभवन के अंदर हथियार और गोला-बारूद जमा किया जा रहा है। बनर्जी ने शनिवार को बोस पर “भाजपा के अपराधियों को पनाह देने” और “उन्हें बम और बंदूकों से लैस करने” का आरोप लगाया था।
एक अधिकारी ने बताया, “राज्यपाल बोस कोलकाता पुलिस के अधिकारियों और केंद्रीय बलों, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की एक टीम का नेतृत्व किये ताकि यह पता लगाया जा सके कि अंदर हथियार और गोला-बारूद तो नहीं रखा गया है।” बोस ने उत्तर बंगाल का अपना दौरा बीच में ही छोड़कर खुद इस अभियान का नेतृत्व किया। यह अभियान राजभवन के भूतल पर दोपहर 2.15 बजे शुरू हुआ था।
उन्होंने कहा, “राजभवन पुलिस चौकी पर भी जवानों की तैनाती की गई है। आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी तलाशी में शामिल रहे।” तलाशी अभियान के लिए राजभवन परिसर को खाली कराया गया। अधिकारी ने बताया कि नागरिक समाज के सदस्यों और पत्रकारों को बोस के साथ जाने की अनुमति दी गई थी और इस अभियान का “लाइव स्ट्रीमिंग” किया गया था।
बनर्जी के ये आरोप बोस के उस बयान के कुछ घंटे बाद आए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) “चुनाव प्रक्रिया को दुरुस्त” करने के लिए ज़रूरी है। बोस ने रविवार को कहा कि उन्होंने बनर्जी के दावों पर कानूनी राय मांगी है, जिसके बाद विधायक ने कहा कि वह अदालत में लड़ाई के लिए तैयार हैं और उन्हें डराया नहीं जा सकता।
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