कोलकाता : सीआईआई ईस्टर्न रीजन द्वारा आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट से पहले “AI: द न्यू इंजन ऑफ़ एंटरप्राइज” में भारतीय उद्यमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला। उद्योग जगत के लीडर्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एंटरप्राइज विकास का भविष्य मानव और AI के बीच सहयोग से संचालित होगा, जो उत्पादकता, निर्णय लेने और व्यावसायिक परिणामों को नया आकार देगा। यह जानकारी संस्था द्वारा जारी बयान में दी गयी है।
सीमेंस टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर, पंकज व्यास ने कहा कि दुनिया इंटेलिजेंस क्रांति के युग में प्रवेश कर चुकी है, जिसमें AI भविष्यवाणी-आधारित मॉडल से विकसित होकर स्वायत्त कार्रवाई में सक्षम एजेंटिक सिस्टम बन रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मज़बूत डेटा रणनीतियों, विश्वसनीय बुनियादी ढांचे और अनुकूली मानव-AI शासन ढांचे वाले उद्यमों को सफल होने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में रखा जाएगा।
AI की आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए, CII ईस्टर्न रीजन के चेयरमैन और RPSG ग्रुप के वाइस चेयरमैन, शाश्वत गोयनका ने कहा कि एक अध्ययन से पता चला है कि AI उत्पादकता लाभ के माध्यम से 2035 तक भारत की GDP में 500 से 600 बिलियन अमेरिकी डॉलर और अगले दशक में विश्व स्तर पर 17 से 26 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर जोड़ सकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत AI-संचालित उत्पादों, प्लेटफार्मों और सेवाओं के उपयोगकर्ता और निर्माता दोनों के रूप में इस मूल्य का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर सकता है, जिसमें सफलता के लिए रीस्किलिंग और डिजिटल दक्षता महत्वपूर्ण है।
सेल्सफोर्स इंडिया के AI और एजेंटफोर्स के प्रमुख, दीपक परगांवकर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एजेंटिक AI स्वायत्त रूप से एंड-टू-एंड व्यावसायिक प्रक्रियाओं का प्रबंधन कर सकता है, जिससे परिणाम-संचालित निष्पादन और मूल्य निर्माण संभव होता है।
निको इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, शिव सिद्धांत नारायण कौल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कच्ची जानकारी को कार्रवाई योग्य बुद्धिमत्ता में बदलने के लिए संरचित डेटा संग्रह, डेटा को व्यवस्थित करना और डेटा माइनिंग आवश्यक हैं, जो चल रही इंटेलिजेंस क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं।
चर्चाओं का निष्कर्ष यह निकला कि भारत का एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन AI-संचालित उत्पादों, प्लेटफार्मों और सेवाओं के निर्माण के लिए साहसिक AI अपनाने, रणनीतिक रीस्किलिंग और उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत सहयोग पर निर्भर करेगा।
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