कोलकाता : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सभी सुनवाई सात दिन के भीतर पूरी करने का निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है। इसके साथ ही नोटिस जारी करने और दस्तावेज अपलोड करने के लिए सख्त समय-सीमा निर्धारित की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
ये निर्देश राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल के साथ निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक के दौरान जारी किए गए। इस बैठक में राज्य के विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता, सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ उपस्थित थे।
आयोग के निर्देशों के अनुसार, सुनवाई के लिए नोटिस एक फरवरी को शाम पांच बजे तक जारी किए जाने चाहिए, जबकि सभी सुनवाई और संबंधित दस्तावेजों को आयोग के सर्वर पर अपलोड करने का कार्य अगले सात दिन के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। संपन्न हो चुकी सुनवाई के दस्तावेज दो फरवरी तक अपलोड किए जाने चाहिए।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘समय-सीमा में कोई समझौता नहीं किया जा सकता और इसका सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि ये निर्देश पुनरीक्षण प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से दिए गए हैं।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि अगले दो से तीन दिन के भीतर सभी सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को सुनवाई केंद्रों से हटाकर उपस्थित पर्यवेक्षकों की सहायता के लिए तैनात किया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘उपस्थित पर्यवेक्षकों के स्तर पर पर्यवेक्षण को मजबूत करने के लिए सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की आवश्यकता है।’’
पूर्व-घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जानी है। अधिकारी ने कहा, ‘‘अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी का कोई सवाल ही नहीं है।’’
____________________________________________________________________________________


