कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियां केंद्रीय औद्योगिकी सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सीमा शुल्क विभाग, श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह प्राधिकरण और पुलिस के साथ मिलकर कोलकाता बंदरगाह पर होने वाली गतिविधियों पर संयुक्त रूप से नजर रखेंगी, ताकि मादक पदार्थों और अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी पर लगाम लगाई जा सके। राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शुभेंदु ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के समर्थन से तथा पुलिस, बंदरगाह अधिकारियों और सीआईएसएफ के बीच समन्वय की कमी के कारण कुछ स्थानीय पार्षदों के नेतृत्व में कोलकाता बंदरगाह पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
शुभेंदु ने कहा, “कुछ पार्षदों के नेतृत्व में अवैध गतिविधियां, गिरोहों का संचालन और जबरन वसूली की जा रही थी। हमें जहाजों से मादक पदार्थ और अन्य अवैध सामग्री जब्त होने की खबरें मिलती थीं। यह मुख्य रूप से इसलिए होता था, क्योंकि कोलकाता पुलिस, सीआईएसएफ और बंदरगाह अधिकारी समन्वय में काम नहीं कर रहे थे।” उन्होंने कहा कि अब संस्थागत समन्वय के जरिये इस स्थिति का समाधान किया जाएगा।
शुभेंदु ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी), श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह प्राधिकरण, सीमा शुल्क विभाग, सीआईएसएफ, कोलकाता पुलिस और केंद्र एवं राज्य की खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि अब ऐसे मुद्दों की समीक्षा करने के लिए हर महीने बैठक करेंगे।
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