नयी दिल्ली : युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने आईआईटी दिल्ली टेक्नोपार्क में आयोजित सोनीपत स्टार्टअप समिट 4.0 में भाग लिया और नवाचार आधारित विकास तथा युवा-संचालित औद्योगिक परिवर्तन के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
श्रीमती खडसे ने नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, छात्रों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अनुसंधान, पूंजी निवेश और वैश्विक विस्तार क्षमता से प्रेरित एक निर्णायक गहन प्रौद्योगिकी चरण में प्रवेश कर रहा है। “उद्योग त्वरण संस्करण” विषय पर आधारित इस शिखर सम्मेलन में स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शोधकर्ताओं, कॉरपोरेट्स और सरकारी हितधारकों को एक साझा मंच पर लाया गया ताकि प्रौद्योगिकी आधारित उद्यम विकास को गति दी जा सके।
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श्रीमती खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप आत्मनिर्भर और नवाचार संचालित अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत नींव तैयार कर रही है।
उन्होंने बताया कि यह शिखर सम्मेलन रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, रक्षा प्रौद्योगिकी और कृषि प्रौद्योगिकी सहित उभरते क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के लिए एक लॉन्चपैड के रूप में कार्य करता है। हरियाणा एनसीआर औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत द्वितीय और तृतीय श्रेणी के क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे क्षेत्रीय उद्यमिता राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ सके।

सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे अनुकूल वातावरण पर श्रीमती खडसे ने कहा कि नीति आयोग के अंतर्गत अटल नवाचार मिशन, स्टार्टअप इंडिया और सार्वजनिक-निजी त्वरण मंच जैसी पहलों के माध्यम से 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन सुविधाएं, मार्गदर्शन और बाजार संपर्क प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बजट 2026 ने अनुसंधान एवं विकास, गहन तकनीकी नवाचार, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए विस्तारित ऋण गारंटी और हरित विकास पहलों के लिए समर्थन को और मजबूत किया है।
प्रमुख इनक्यूबेशन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण संस्थानों और वैश्विक कंपनियों द्वारा समर्थित इस शिखर सम्मेलन ने सार्वजनिक-निजी सहयोग का एक सशक्त मॉडल प्रदर्शित किया। यह युवा उद्यमियों को बौद्धिक संपदा, वित्तपोषण मार्ग, नियामक ढांचे और उत्पाद-बाजार संरेखण पर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
श्रीमती खड़से ने खेल विज्ञान और विनिर्माण नवाचार के बढ़ते अभिसरण पर कहा कि खेल विश्लेषण, पहनने योग्य तकनीक, बायोमैकेनिक्स, रिकवरी विज्ञान और एआई-संचालित प्रदर्शन निगरानी जैसे क्षेत्र भारत में खेल-केंद्रित स्टार्टअप के लिए नए रास्ते खोल रहे हैं।
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सरकार की युवा सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए श्रीमती खडसे ने कहा कि भारत के युवा नवप्रवर्तक न केवल स्टार्टअप बना रहे हैं बल्कि औद्योगिक क्षमता को मजबूत कर रहे हैं, तकनीकी स्वतंत्रता को बढ़ा रहे हैं और एक विकसित भारत की परिकल्पना में प्रत्यक्ष योगदान दे रहे हैं।
इस कार्यक्रम में हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अशोक कुमार, आईआईटी दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बिपिन कुमार, इसरो के पूर्व मिशन निदेशक श्री टी.के. सुंदरमूर्ति, ऋषिहुड विश्वविद्यालय के कुलपति श्री शोभित माथुर, एसआरएम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और निदेशक (सी4डी) प्रोफेसर सैमुअल राज, आईआईटी जम्मू की प्रोफेसर अंबिका प्रसाद शाह, राय उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री राकेश छाबड़ा और एफआईटीटी गवर्निंग काउंसिल के श्री नलिन कोहली, स्टार्टअप संस्थापकों, शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित थे।
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राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खड़से ने एआईसी आईआईटी दिल्ली के सीईओ श्री आलोक पांडे की भूमिका की भी सराहना की, जिनके नेतृत्व और नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता ने शिखर सम्मेलन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सोनीपत स्टार्टअप समिट 4.0 भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार इको-सिस्टम और युवाओं की रचनात्मकता, ऊर्जा और उद्यमशीलता के माध्यम से वैश्विक स्तर पर विस्तार करने की उसकी महत्वाकांक्षा का प्रतिबिंब है।
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